Polycab के शेयर में शॉर्ट टर्म में दबाव बना हुआ है, जिसके पीछे कमजोर तिमाही संकेत और मांग के अस्थिरता के कारण बाजार में चिंता बढ़ गई है। इसके अलावा, एनालिस्ट मीटिंग में कंपनी की दी गई कॉमेंट्री उम्मीद से कमजोर मानी जा रही है, जिसके कारण निवेशकों का भरोसा थोड़ा डगमगाया है। इस वजह से शेयर में बिकवाली बढ़ गई है। कंपनी के मार्च 2026 के तिमाही प्रदर्शन के बारे में बताया गया है कि यह शुरुआती उम्मीदों के मुकाबले कमजोर रह सकता है। इसका असर चौथी तिमाही के अनुमानों पर भी पड़ सकता है। वैश्विक संघर्ष और अनिश्चितता के कारण चौथी तिमाही में वॉल्यूम ग्रोथ दबाव में रह सकती है। इसके अलावा, चौथी तिमाही में वॉल्यूम साल दर साल आधार पर लगभग फ्लैट रह सकते हैं, जिसके कारण पिछले साल के मुकाबले इस बार बहुत ज्यादा बढ़त देखने को नहीं मिल सकती। एक्सपोर्ट बिजनेस के लिए भी चिंता बढ़ गई है। एक्सपोर्ट की स्थिति कमजोर रहने पर केबल और वायर सेगमेंट के EBITDA मार्जिन पर दबाव पड़ सकता है। इस वजह से एनालिस्ट मीटिंग के बाद बाजार में चिंता बढ़ गई है और शेयर में तेज गिरावट देखने को मिली है। हालांकि, लंबी अवधि में शेयर ने निवेशकों को मजबूत रिटर्न दिए हैं। पिछले एक हफ्ते में शेयर करीब 14% गिरा है, लेकिन एक साल में शेयर 41% चढ़ा है। तीन साल में शेयर ने करीब 145% का रिटर्न दिया है। कंपनी का मार्केट कैप अभी भी करीब 1 लाख करोड़ रुपये के आसपास बना हुआ है। एफआईआई की हिस्सेदारी लगातार बढ़ी है। मार्च 2025 में कंपनी में एफआईआई की हिस्सेदारी 11.11% थी, जो दिसंबर 2025 तक 14.82% तक पहुंच गई। यानी विदेशी निवेशकों का भरोसा अभी भी कंपनी में बना हुआ है। फिलहाल, शेयर पर शॉर्ट टर्म में दबाव बना हुआ है, लेकिन कंपनी का मजबूत बिजनेस मॉडल, लंबी अवधि की ग्रोथ और एफआईआई की बढ़ती हिस्सेदारी इस बात का संकेत देती है कि निवेशकों की नजर अभी भी इस स्टॉक पर बनी हुई है। आने वाले समय में कंपनी की तिमाही परफॉर्मेंस तय करेगी कि शेयर में स्थिरता कब लौटती है।#market_cap #polycab #analyst_meeting #fii #export_business
