ईरान के तीन जहाज हिंद महासागर में थे, एक को हमने शरण दी राज्यसभा में विदेश मंत्री एस जयशंकर ने पश्चिम एशिया के हालात पर चिंता जताई विदेश मंत्री एस जयशंकर ने राज्यसभा में बताया कि हिंद महासागर में ईरान के तीन जहाज थे, जिसमें से एक को ईरान के निवेदन पर शरण दी गई। उन्होंने कहा कि ईरान के विदेश मंत्री से 28 फरवरी और पांच मार्च को बात की गई। ईरान के तीन जहाज हिंद महासागर में थे, जिसमें से एक को डॉकिंग की परमिशन दी गई। जयशंकर ने कहा कि ईरान में बिजनेस के सिलसिले में आए इंडियन नागरिकों को आर्मेनिया पार करके इंडिया लौटने में मदद की गई। तेहरान में हमारी एंबेसी पूरी तरह चालू है और हाई अलर्ट पर है। जयशंकर ने कहा कि भारत के लिए चल रहे झगड़े की गहरी चिंता है। उन्होंने बताया कि खाड़ी देशों में एक करोड़ भारतीय रहते हैं और काम करते हैं। ईरान में भी कुछ हजार भारतीय पढ़ाई या नौकरी के लिए मौजूद हैं। उन्होंने कहा कि इलाके में सुरक्षा की स्थिति काफी खराब हो गई है और झगड़ा दूसरे देशों में भी फैल गया है। आम जिंदगी और काम-काज पर साफ असर पड़ रहा है। उन्होंने बताया कि भारत के लिए वेस्ट एशिया में स्थिरता बनाए रखना ज़िम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि तेल और गैस के कई ज़रूरी सप्लायर इस इलाके में शामिल हैं। सप्लाई चेन में गंभीर रुकावटें और अस्थिरता का माहौल गंभीर मुद्दे हैं। जयशंकर ने कहा कि झगड़ा लगातार बढ़ता जा रहा है और इलाके में तबाही बढ़ रही है। भारत की सरकार ने 20 फरवरी को एक बयान जारी कर गहरी चिंता जताई थी और सभी पक्षों से संयम बरतने की अपील की थी। उन्होंने आगे कहा कि तनाव कम करने के लिए बातचीत और डिप्लोमेसी जारी रखनी चाहिए। प्रधानमंत्री नए डेवलपमेंट पर करीब से नजर रख रहे हैं और संबंधित मंत्रालय असरदार जवाब देने के लिए कोऑर्डिनेट कर रहे हैं। यह भी पढ़ें: ईराक में इरबिल शहर पर हमला, अमेरिकी बेस के पास ईरान का अटैक#iran #india #foreign_minister #rajya_sabha #armenia
