सारांश: इजरायल ने इरान के सैन्य आधारों पर हमला किया, जिसमें इरान के उच्च अधिकारी, सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के प्रमुख और अन्य शीर्ष सैन्य एवं राजनीतिक नेता मारे गए। इजरायली सेना ने बताया कि बासिज बल के खुफिया प्रमुख इस्माइल अहमदी के निधन के बाद अन्य नेता भी मारे गए। इस हमले के बाद इरान ने इजरायल और अमेरिका के खिलाफ गंभीर विरोध जताया, जिसमें इरान के सर्वोच्च नेता और अमेरिकी राष्ट्रपति जो बिडेन के खिलाफ घोषणा की। इस घटना के बाद अमेरिका और इजरायल ने इरान के विरुद्ध अपने बल के उपयोग की घोषणा की, जिसमें इरान के नाभिकीय कार्यक्रम के खिलाफ अमेरिकी दबाव बढ़ गया। इस घटना ने द्विपक्षीय विवाद को और गहरा कर दिया और अंतरराष्ट्रीय संबंधों में तनाव बढ़ा। महत्वपूर्ण बिंदु: इजरायल ने इरान के सैन्य आधारों पर हमला किया, जिसमें इरान के शीर्ष नेता मारे गए। इजरायली सेना ने बासिज बल के खुफिया प्रमुख के निधन की घोषणा की। इरान ने इजरायल और अमेरिका के खिलाफ विरोध जताया और नाभिकीय कार्यक्रम के खिलाफ अमेर के दबाव को बढ़ावा दिया। घटना ने द्विपक्षीय विवाद को और गहरा कर दिया और अंतरराष्ट्रीय संबंधों में तनाव बढ़ा। लेखक: अमित कुमार (लाइव हिंदुस्तान) संदर्भ: इरान-इजरायल युद्ध, अमेरिका-इरान विवाद, नाभिकीय कार्यक्रम, सैन्य हमला, अंतरराष्ट्रीय संबंध.#iran #nuclear_program #israel #basij_forces #joe_biden