बंगाल में शांतिपूर्ण मतदान के लिए चुनाव आयोग का प्लान, कश्मीर से भवानीपुर पहुंची 'बुलेटप्रूफ' गाड़ियां राज्य में चुनावी हिंसा के इतिहास को देखते हुए चुनाव आयोग ने बंगाल में निष्पक्ष और शांतिपूर्ण मतदान सुनिश्चित करने के लिए अभूतपूर्व सुरक्षा इंतजाम किए हैं। इस बार आयोग ने सीधे जम्मू-कश्मीर से विशेष 'बुलेटप्रूफ' गाड़ियां मंगवाई हैं। बुधवार को इन गाड़ियों ने कोलकाता के हाई-प्रोफाइल विधानसभा क्षेत्र भवानीपुर की सड़कों पर गश्त की। इन अत्याधुनिक वाहनों ने लोगों का ध्यान आकर्षित किया। इससे पहले बंगाल में जम्मू-कश्मीर से मीडियम बुलेटप्रूफ वाहन (एमबीपीवी) भी पहुंच चुके हैं। इन वाहनों की तैनाती मालदा, मुर्शिदाबाद जैसे सीमावर्ती और अतिसंवेदनशील क्षेत्रों में की गई है, जहां चुनावी हिंसा और सुरक्षा जोखिम की आशंका अधिक रहती है। अब यह 'बुलेटप्रूफ' गाड़ियां कोलकाता में तैनात की गई हैं। आयोग के सूत्रों के अनुसार, इन गाड़ियों का मुख्य उद्देश्य मतदान के दौरान किसी भी प्रकार की हिंसा, गोलीबारी या पत्थरबाजी को नियंत्रित करना है। खाकी रंग के ये चार पहिया वाहन पूरी तरह से बुलेटप्रूफ हैं, जिन पर गोलियों का कोई असर नहीं होता। इन वाहनों को विशेष रूप से बंगाल के संवेदनशील इलाकों के लिए लाया गया है। यदि कोई वीआइपी या अधिकारी किसी हिंसक परिस्थिति में फंस जाता है, तो ये गाड़ियां उन्हें सुरक्षित बाहर निकालने के लिए ढाल का काम करेंगी। तकनीकी रूप से यह वाहन किसी चलते-फिरते किले से कम नहीं है। इसमें एक साथ आठ कमांडो सवार हो सकते हैं, जिनमें से प्रत्येक के पास अत्याधुनिक एके-47 राइफल होती है। इसके अलावा, भीड़ को तितर-बितर करने के लिए गाड़ी में विशेष 'स्मोक डिस्पेंसर' (धुआं छोड़ने वाली प्रणाली) लगी हुई है। दिलचस्प बात यह है कि इन गाड़ियों पर अभी भी जम्मू-कश्मीर की नंबर प्लेट लगी हुई है, जो इनकी उपयोगिता और दुर्गम क्षेत्रों के अनुभव को दर्शाती है। भवानीपुर थाना से शुरू होकर यह मार्च पद्मपुकुर, चक्रबेरिया और शरत बोस रोड होते हुए हाजरा पर समाप्त हुआ। रूट मार्च के दौरान केंद्रीय बलों ने न केवल शक्ति प्रदर्शन किया, बल्कि लाउडस्पीकर के माध्यम से मतदाताओ...#kolkata #election_commission #kashmir #bengal #bulletproof_vehicles

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