CCSU की सम सेमेस्टर परीक्षा शुल्क जमा करें, वरना भारी लेट फीस देनी होगी चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय (सीसीएसयू) के छात्रों को सम सेमेस्टर परीक्षा शुल्क जमा करने की अंतिम तिथि नजदीक आ गई है। परीक्षा शुल्क जमा करने की अंतिम तिथि 30 मार्च 2026 है। इसके बाद छात्रों को विलंब शुल्क देना पड़ेगा। जून-2026 सत्र की सम सेमेस्टर परीक्षा के आनलाइन फार्म 14 से 20 मार्च तक भरे गए थे। इसके बाद 17 मार्च से परीक्षा शुल्क जमा किया जा रहा है। परीक्षा नियंत्रक वीरेंद्र कुमार मौर्य के अनुसार, विलंब शुल्क की रकम 30 मार्च तक 250 रुपए और 31 मार्च से 500 रुपए होगी। कालेज विश्वविद्यालय पोर्टल पर आनलाइन सत्यापन कराए जाने की अंतिम तिथि 7 अप्रैल है। विश्वविद्यालय के परीक्षा विभाग में नामिनल रोल (एनआर) समेत परीक्षा फार्म जमा कराने की अंतिम तिथि 9 अप्रैल है। परीक्षा नियंत्रक के अनुसार, परीक्षाएं 11 अप्रैल से शुरू होंगी। ऐसे छात्र-छात्राएं जिनका विषय चयन कालेज व विभाग द्वारा नहीं किया जाएगा, उनका परीक्षा शुल्क भरना संभव नहीं होगा। विश्वविद्यालय ने एमएससी कृषि (सीड साइंस एंड टेकनोलाजी तृतीय सेमेस्टर), बीएससी (फूड माइक्रोबाइलाजी सेफ्टी एंड क्वालिटी कंट्रोल) तृतीय एवं पांचवें सेमेस्टर के परीक्षा परिणाम घोषित कर दिए गए हैं। इसके साथ ही एमएससी (मेडिकल माइक्रोबाइलाजी) तृतीय सेमेस्टर, बीकाम एलएलबी तृतीय एवं पांचवें सेमेस्टर एवं बीएएलएलबी तृतीय सेमेस्टर के दिसंबर-25 की परीक्षा में शामिल छात्रों के परिणाम भी घोषित कर दिए गए हैं। ये परिणाम विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर 23 मार्च से उपलब्ध होंगे।#university_portal #chaudhary_charan_singh_university #ccsu #virendra_kumar_mauriy #exam_controller

पद्मश्री मालिनी अवस्थी सीसीएसयू में प्रोफेसर ऑफ प्रैक्टिस लोक गायिका मालिनी अवस्थी को चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय में प्रोफेसर ऑफ प्रैक्टिस के रूप में नियुक्त किया गया है। उनका कार्यकाल एक वर्ष का होगा। मालिनी अवस्थी, जो 2016 में पद्मश्री से सम्मानित हो चुकी हैं, विद्यार्थियों को गायन एवं भाषाओं का अनुभव साझा करेंगी। अवधी, भोजपुरी एवं बुंदेली भाषा में गायन के लिए चर्चित लोक गायिका मालिनी अवस्थी चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय में प्रोफेसर ऑफ प्रैक्टिस (पीओपी) नामित हुई हैं। विभिन्न क्षेत्रों में प्रतिष्ठित शख्सियतों को विश्वविद्यालयों में प्रोफेसर ऑफ प्रैक्टिस नियुक्त करने की यूजीसी की पहल के तहत विश्वविद्यालय कैंपस में गुरुवार को कुलपति प्रो. संगीता शुक्ला की अध्यक्षता में हुई कार्यपरिषद की बैठक में मालिनी अवस्थी को पीओपी नियुक्त किया गया। पहले चरण में उनका कार्यकाल एक वर्ष का होगा। 2016 में पद्मश्री से सम्मानित और बनारस घराने की शिष्या मालिनी अवस्थी से विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों को उनके गायन एवं भाषाओं के अनुभव से सीखने का मौका मिलेगा। कुछ माह पहले ही मालिनी अवस्थी अपनी चर्चित पुस्तक ‘चंदन किवाड़’ पर केंद्रित कार्यक्रम में शामिल होने सीसीएसयू पहुंची थीं। विश्वविद्यालय ने मालिनी अवस्थी को हिन्दी विभाग में नियुक्त किया है। विश्वविद्यालय मालिनी अवस्थी के गायन एवं भाषाओं पर विशिष्ट कार्यों से ना केवल कैंपस बल्कि कॉलेजों के विद्यार्थियों को भी जोड़ेगा। सीसीएसयू से संबद्ध कई कॉलेजों में संगीत की पढ़ाई होती है, ऐसे मालिनी अवस्थी की बतौर पीओपी कार्य करने से छात्र-छात्राओं को भी एक्सपोजर मिलने की उम्मीद है। मालिनी अवस्थी को कई सम्मान मिल चुके हैं। 2016 में पद्मश्री सम्मान के साथ ही 2008 में उन्हें भोजपुरी भाषा के लिए राष्ट्रीय पुरस्कार भी दिया गया था। उनकी ठुमरी, दादरा, कजरी, चैती आदि शैलियों में महारत है। उनका अधिकांश अनुभव लोक गायन के क्षेत्र में है और उनके कार्य भारतीय संस्कृति के संरक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। इस नियुक्ति से विश्वविद्यालय के छात्रों को लोक भाषाओं और संगीत के अध्ययन में नए आयाम...#chaudhary_charan_singh_university #malini_avasthi #ugc #sangita_shukla #ccsu