भारतीय रुपया 10 हफ्ते में सबसे मजबूत स्तर पर पहुंच गया रुपया आज 94.49 प्रति डॉलर पर बंद हुआ, जो 25 जून के बाद का सबसे ऊंचा स्तर है। यह विदेशी मुद्रा बाजार में आरबीआई के विशेष स्वैप उपायों और रिकॉर्ड एफसीएनआर (बी) जमा के कारण हुई मजबूती के परिणाम है। आरबीआई के विशेष स्वैप उपायों से 31 अगस्त तक उम्मीद से अधिक करीब 136.4 अरब डॉलर की विदेशी मुद्रा की आमद हुई, जिससे रुपया मजबूत हुआ। डीलरों ने कहा कि डॉलर के मजबूत प्रवाह ने आरबीआई को ऐसे समय में रुपये पर दबाव कम करने में मदद की, जब कच्चे तेल की ऊंची कीमतों और वैश्विक बॉन्ड यील्ड में वृद्धि से उभरते बाजारों की मुद्राओं पर दबाव पड़ रहा था। रुपये में पिछले एक सप्ताह में 1 फीसदी से अधिक मजबूती आई है, जिससे यह एशिया की सबसे अच्छा प्रदर्शन करने वाली मुद्राओं में से एक रहा। एफसीएनआर (बी) योजना के शुरुआती चरण में रुपये में ज्यादा मजबूती नहीं आई थी, लेकिन आरबीआई ने विनिमय दर में उठापटक रोकने के लिए हाजिर बाजार में दखल बढ़ाई है। सरकारी बैंक के एक डीलर ने कहा, "अब रुपये की कीमत बढ़ने के पीछे केवल स्वैप से जुड़े प्रवाह के बजाय, हाजिर बाजार में सीधे दखल जैसे तुरंत असर डालने वाले उपाय पर जोर दिया जा रहा है।" भारत का विदेशी मुद्रा भंडार 28 अगस्त को समाप्त सप्ताह में पहले ही रिकॉर्ड 729.3 अरब डॉलर तक पहुंच चुका था, और आगे इसके और बढ़ने की उम्मीद है क्योंकि विदेशी मुद्रा की आमद हो रही है। हालांकि आरबीआई की फॉरवर्ड डॉलर पोजीशन भी रिकॉर्ड 137 अरब डॉलर पर है तथा इसके और बढ़ने की संभावना है। इसके कारण भविष्य में रुपये में मजबूती आने की रफ्तार और गुंजाइश कम हो सकती है। बाजार के भागीदारों को उम्मीद है कि आरबीआई अपनी फॉरवर्ड डॉलर पोजीशन को आगे बढ़ाने के बजाय कुछ डिलीवरी लेना शुरू कर देगा। ट्रेडरों ने कहा कि यह बदलाव यदि साकार होता है तो निकट अवधि में रुपया 94 से 95.#india #dollar #rbi #foreign_exchange #fncr_b
