इजरायल-ईरान युद्ध के बीच सुपरपावर बना सोना, भारत-यूके की साझा GDP से भी 5 गुना ज्यादा की मार्केट वैल्यू ईरान और इजरायल के बीच चल रहे संघर्ष और भू-राजनीतिक तनाव के कारण सोने का बाजार मूल्य 30-35 ट्रिलियन डॉलर के आसपास पहुंच गया है, जो भारत और यूके के संयुक्त जीडीपी से लगभग पांच गुना अधिक है। इस वृद्धि के पीछे महामारी के बाद महंगाई के डर, सेंट्रल बैंकों की भारी खरीदारी और जियोपॉलिटिकल रिस्क के बढ़ते खतरों को देखा जा सकता है। इस बाजार में निवेशक निर्माण या राजनीतिक घटनाओं से अलग एक स्थिर विश्व खोज रहे हैं, जिसके कारण सोना एक सुरक्षित छत के रूप में बढ़ते हुए देखा जा रहा है। सोने की कीमत वर्तमान में प्रति औंस 5,100 से 5,200 डॉलर के बीच है, जो कई सालों की रैली का हिस्सा है। इसके रिकॉर्ड स्तर लगभग 5,600 डॉलर के पार छुए थे, जो 1972 और 2005 के बड़े लॉन्ग-टर्म रैली की याद दिलाते हैं। इस बढ़ते बाजार में एक दशक के बाद एक नया ट्रेंड देखा जा रहा है, जो शेयर और क्लासिक 60/40 पोर्टफोलियो से बेहतर प्रदर्शन कर रहा है। भारत की नॉमिनल जीडीपी 2026 में लगभग 4.5-5 ट्रिलियन डॉलर है, जबकि यूके की जीडीपी लगभग 4.2-4.3 ट्रिलियन डॉलर है। दोनों देशों की कुल जीडीपी लगभग 8-9 ट्रिलियन डॉलर के आसपास है। इसके विपरीत, सोने की कुल मूल्य 30-35 ट्रिलियन डॉलर के बीच है, जो एक फिक्स्ड ग्लोबल स्टॉक मेटल की कीमत के बढ़ते डर से बढ़ रही है। इसकी कीमत अब तक के रिकॉर्ड स्तर तक पहुंच चुकी है, जो एक नए ट्रेंड के चलते बढ़ते हुए देखा जा रहा है। इस बढ़ते बाजार में निवेशक एक नए ट्रेंड के चलते अपने निवेश दिशा बदल रहे हैं, जो एक दशक के बाद एक नए रैली के रूप में देखा जा रहा है। इसके बावजूद, सोने की कीमत अब तक के रिकॉर्ड स्तर तक पहुंच चुकी है, जो एक नए ट्रेंड के चलते बढ़ते हुए देखा जा रहा है।#iran #israel #india #uk #gold_market
