प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राज्यसभा और लोकसभा में विभिन्न विषयों पर अहम बयान दिए हैं, जिनमें वैश्विक ऊर्जा संकट, भारत के तेल-गैस आयात, और राजनीतिक कार्यवाही के बारे में विस्तार से बताया गया है। यहां अहम बिंदुओं का सारांश है: ऊर्जा संकट और आयात वृद्धि पश्चिम एशिया में चल रहे युद्ध ने वैश्विक ऊर्जा संकट को गंभीर बना दिया है, जिसका प्रभाव भारत पर भी पड़ रहा है। पीएम मोदी ने लोकसभा में घोषणा की कि भारत अब 41 देशों से तेल और गैस आयात कर रहा है, जो पहले के 27 देशों की तुलना में बढ़ गया है। इसके साथ ही उन्होंने गल्फ और पश्चिम एशिया में रह रहे भारतीयों की सुरक्षा को अपनी प्राथमिकता बताया है। होमुर्ज पर आक्रमण और शांति की आवश्यकता पीएम मोदी ने घोषणा की कि नागरिकों और ऊर्जा संयंत्रों पर हमले अस्वीकृत हैं और होमुर्ज के रास्ता रोकना स्वीकृत नहीं होगा। उन्होंने शांति के लिए एकजुट आवाज की आवश्यकता जताई है और भारत के अनेक देशों के संपर्क में रहने की घोषणा की है। राज्यसभा में रिटायर हो रहे सांसदों की विदाई 23 मार्च को राज्यसभा में 59 सांसदों की विदाई दी गई, जिनमें पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवगौड़ा, शरद पवार, आरपीआई नेता रामदास आठवले आदि शामिल हैं। पवार और आठवले को फिर से राज्यसभा में चुन लिया गया है। लोकसभा में निलंबन हटाने के निर्णय 17 मार्च को लोकसभा में पहले फेज में निलंबित किए गए 8 विपक्षी सांसदों पर लगे सस्पेंशन को हटा दिया गया है। तैयारी और एकजुटता की आवश्यकता पीएम मोदी ने कोरोना महामारी के दौरान देश के लोगों की एकजुटता के उदाहरण के रूप में इस युद्ध के प्रभाव के लंबे समय तक बने रहने की आशंका को जताया है। उन्होंने देश के लोगों को तैयार रहने की अपील की है ताकि चुनौतियों का सामना किया जा सके। इन घोषणाओं के माध्यम से पीएम मोदी ने देश के लोगों को एकजुटता, तैयारी और शांति के महत्व के बारे में जागरूक किया है।#lok_sabha #prime_minister_narendra_modi #rajya_sabha #homedurg #sharda_pawar
