NHPC OFS: सरकार एनएचपीसी में बेचेगी 6% तक हिस्सेदारी, ₹71 तय हुआ फ्लोर प्राइस, पूरी डिटेल भारत सरकार ने एनएचपीसी लिमिटेड (NHPC Ltd) में अपनी हिस्सेदारी बेचने के लिए ओफर फॉर सेल (OFS) की घोषणा की है। इस बिक्री में कंपनी की इक्विटी का 3% बेस ऑफर के रूप में शामिल होगा, जबकि ओवर-सब्सक्रिप्शन के मामले में अतिरिक्त 3% ग्रीन शू ऑप्शन के रूप में शामिल किया जाएगा। इस तरह कुल मिलाकर छह फीसदी तक की बिक्री का विचार रखा गया है। ओएफएस के लिए फ्लोर प्राइस 71 रुपये प्रति शेयर तय किया गया है। नई दिल्ली: इस घोषणा के तहत सरकार एनएचपीसी में अपनी हिस्सेदारी बेचकर विनिवेश के माध्यम से फंड जुटाने की कोशिश कर रही है। इस बिक्री के लिए नॉन-रिटेल निवेशकों के लिए 2 जून 2026 को और रिटेल निवेशकों के लिए 3 जून 2026 को बुकिंग की तारीख तय की गई है। इस बिक्री के माध्यम से सरकार अपने वित्तीय लक्ष्यों को पूरा करने में मदद कर सकती है। इस बिक्री के माध्यम से सरकार एनएचपीसी में अपनी हिस्सेदारी कम करके विनिवेश कर रही है। यह कदम केंद्र सरकार की व्यापक रणनीति का हिस्सा है, जिसका मकसद सार्वजनिक क्षेत्र के उद्यमों से मूल्य हासिल करना और रणनीतिक हिस्सेदारी की बिक्री के माध्यम से संसाधन जुटाना है। एनएचपीसी ऊर्जा मंत्रालय के तहत एक 'नवरत्न' सार्वजनिक क्षेत्र का उपक्रम है और भारत के रिन्यूएबल और हाइड्रोपावर प्रोडक्शन सेक्टर में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। ओएफएस के लिए निवेशकों की प्रतिक्रिया बाजार के प्रतिभागियों द्वारा गंभीरता से नजर रखी जाएगी, विशेष रूप से क्योंकि स्वच्छ ऊर्जा क्षेत्र में कंपनी की मजबूत उपस्थिति है। साथ ही सरकार के बुनियादी ढांचे और ऊर्जा क्षेत्र में सुधारों पर लगातार जोर बना हुआ है। इस सौदे से चालू वित्त वर्ष के लिए सरकार के विनिवेश लक्ष्यों को पूरा करने में योगदान मिलने की उम्मीद है। NSE पर सोमवार को NHPC के शेयर 2.31% की गिरावट के साथ 77.05 रुपये प्रति शेयर पर बंद हुए। जबकि बेंचमार्क Nifty 50 में 0.#renewable_energy #india_government #nhpc_limited #hydro_power #ofc

टाटा मोटर्स की पहली फ्लेक्स-फ्यूल कार 2026 के अंत या 2027 की शुरुआत तक बाजार में आ सकती है नई दिल्ली: टाटा मोटर्स ने अपनी पहली फ्लेक्स-फ्यूल पैसेंजर वाहन के लॉन्च के लिए तैयारी कर रही है और इसकी उम्मीद है कि यह 2026 के अंत या 2027 की शुरुआत तक बाजार में आएगी। इस बारे में जानकारी टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल्स के प्रबंध निदेशक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी शैलेश चंद्रा ने चौथी तिमाही और वित्त वर्ष 2026 की आय से जुड़ी मीडिया बातचीत के दौरान दी। चंद्रा ने कहा कि तकनीकी तैयारी के मामले में कंपनी पूरी तरह सहज है और इस साल के अंत या अगले साल की शुरुआत तक कम से कम एक फ्लेक्स-फ्यूल उत्पाद तैयार हो जाएगा। भारत सरकार उच्च एथेनॉल मिश्रित ईंधन के लिए नियामक ढांचा तैयार करने की दिशा में काम कर रही है और इसी के तहत टाटा मोटर्स अपनी तैयारी तेज कर रही है। चंद्रा ने बताया कि सरकार की हालिया अधिसूचना का उद्देश्य ऐसे फ्लेक्स-फ्यूल वाहनों की श्रेणी तय करना है, जो अलग-अलग एथेनॉल मिश्रण वाले ईंधन पर चल सकें। टाटा मोटर्स के वाहन 2023 से ही E20 ईंधन के अनुरूप हैं, जबकि उच्च एथेनॉल मिश्रण को लेकर सरकार के साथ SIAM के माध्यम से चर्चा जारी है। हाल ही में सरकार ने केंद्रीय मोटर वाहन नियमों में संशोधन का प्रस्ताव रखा है, ताकि E85 और E100 जैसे उच्च एथेनॉल मिश्रित ईंधनों को औपचारिक रूप से शामिल किया जा सके। इस मसौदे पर फिलहाल सार्वजनिक सुझाव मांगे गए हैं। टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल्स के मुख्य उत्पाद अधिकारी और उपाध्यक्ष मोहन सावरकर ने पहले बताया था कि सरकार द्वारा नियम तय किए जाने के बाद Tata Punch कंपनी की पहली फ्लेक्स-फ्यूल कार बन सकती है। कंपनी ने भारत मोबिलिटी ग्लोबल एक्सपो 2025 में टाटा पंच का फ्लेक्स-फ्यूल संस्करण प्रदर्शित किया था। वहां पंच को पेट्रोल, सीएनजी, इलेक्ट्रिक और फ्लेक्स-फ्यूल समेत चार पावरट्रेन विकल्पों के साथ पेश किया गया था। फ्लेक्स-फ्यूल पंच में सामान्य मॉडल वाला 1.#tata_motors #india_government #shailendra_chandra #mohan_sawarkar #bharat_mobility_global_expo_2025

सारांश एवं महत्वपूर्ण बिंदुओं का संक्षिप्त विवरण: एलपीजी सिलेंडर की मांग में वृद्धि: एलपीजी सिलेंडर की मांग अचानक बढ़ गई, जिसके कारण बुकिंग में तेजी आई। इसके कारण ब्लैक मार्केट एवं जमाखोरी की आशंका भी बढ़ गई। सरकार एवं तेल कंपनियों के कदम: सरकार एवं तेल कंपनियां गैस की सप्लाई को नियंत्रित कर रही हैं। घरेलू उपभोक्ताओं को सबसे ज्यादा प्राथमिकता दी जा रही है। अस्पताल, शिक्षा संस्थान आदि जरूरी क्षेत्रों को भी गैस की सुविधा निश्चित की जा रही है। ब्लैक मार्केट एवं जमाखोरी के खिलाफ छापेमारी एवं जांच अभियान चलाए जा रहे हैं। बुकिंग के लिए जरूरत के अनुसार ही आवेदन करें: अतिरिक्त बुकिंग से सप्लाई सिस्टम पर दबाव बढ़ता है, जिससे वास्तविक आवश्यकता वाले लोगों को परेशानी हो सकती है। सरकार लोगों से अपील कर रही है कि केवल जरूरत होने पर ही बुकिंग करें। सुरक्षा एवं आवेदन प्रक्रिया: अगर सिलेंडर नहीं पहुंचा, तो WhatsApp या UPI के माध्यम से शिकायत कर सकते हैं। सरकार ने आवेदन प्रक्रिया को सरल बनाया है ताकि लोग आसानी से बुकिंग कर सकें। महत्वपूर्ण सलाह: अपनी जरूरत के अनुसार ही बुकिंग करें। ब्लैक मार्केट से बचें एवं आधिकारिक चैनल का उपयोग करें। आवेदन के बाद अपडेट रहें एवं आवश्यकता पर शिकायत करें। इस प्रकार, सरकार एवं तेल कंपनियां गैस की सुविधा को नियंत्रित करके आम लोगों की आवश्यकताओं को पूरा कर रही हैं।#black_market #india_government #oil_companies #gas_supply #whatsapp_complaint
राहुल गांधी ने एलपीजी संकट पर निशाना साधा, सरकार ने तर्क देते हुए जवाब दिया लखनऊ। एलपीजी संकट के बीच राहुल गांधी ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि यह एक "राजनीतिक खेल" है, जिसमें सरकार विपक्ष के खिलाफ घटनाओं को बढ़ावा दे रही है। वह बताते हुए कहा कि एलपीजी की कमी के बारे में अफवाहें फैलाई जा रही हैं, जो वास्तविक स्थिति से दूर हैं। इसके जवाब में सरकार ने कहा कि देश में एलपीजी के स्टॉक अब तक पूर्ण रूप से बरकरार हैं और वितरण के लिए विशेष व्यवस्थाएं लागू की गई हैं। राहुल गांधी के आरोप राहुल गांधी ने एलपीजी संकट के बारे में कहा कि सरकार लोगों के बीच अफवाहों को फैलाकर विपक्ष के खिलाफ राजनीतिक रूप से अपनी छवि बरकरार रखने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा कि एलपीजी के वितरण में असमानता और अनुपलब्धता के बारे में अफवाहें फैलाई जा रही हैं, जो वास्तविक स्थिति से दूर हैं। उन्होंने कहा कि लोगों को एलपीजी के वितरण के बारे में गलत जानकारी दी जा रही है, जिससे उनकी आशंका बढ़ रही है। सरकार के जवाब सरकार ने राहुल गांधी के आरोपों के जवाब में कहा कि देश में एलपीजी के स्टॉक अब तक पूर्ण रूप से बरकरार हैं और वितरण के लिए विशेष व्यवस्थाएं लागू की गई हैं। उन्होंने कहा कि एलपीजी के वितरण में असमानता के बारे में अफवाहें फैलाई जा रही हैं, जो वास्तविक स्थिति से दूर हैं। सरकार ने बताया कि देश में एलपीजी के स्टॉक अब तक पूर्ण रूप से बरकरार हैं और वितरण के लिए विशेष व्यवस्थाएं लागू की गई हैं। वितरण के लिए विशेष व्यवस्था सरकार ने कहा कि एलपीजी के वितरण के लिए विशेष व्यवस्थाएं लागू की गई हैं और वितरण के लिए विशेष व्यवस्थाएं लागू की गई हैं। उन्होंने कहा कि एलपीजी के वितरण में असमानता के बारे में अफवाहें फैलाई जा रही हैं, जो वास्तविक स्थिति से दूर हैं। सरकार ने बताया कि देश में एलपीजी के स्टॉक अब तक पूर्ण रूप से बरकरार हैं और वितरण के लिए विशेष व्यवस्थाएं लागू की गई हैं। संकट के बारे में विश्लेषण एलपीजी संकट के बारे में विश्लेषण में देखा जाता है कि देश में एलपीजी के स्टॉक अब तक पूर्ण रूप से बरकरार हैं और वितरण के लिए विशेष व्यवस्थ...#rahul_gandhi #india_government #lp_gas_crisis #political_game #distribution_discrepancy