राजस्थाल में बीएड (बैचलर ऑफ एजुकेशन) कार्यक्रम में आवेदन कम हो रहे हैं, जिसके पीछे कई कारण हैं। इसके बारे में विस्तार से बताए जा सकते हैं: एक साल के कार्यक्रम की तुलना में दो साल के कार्यक्रम की कम आकर्षण विद्यार्थियों की उम्मीद है कि बीएड कार्यक्रम एक साल के बन जाएगा, जिसके कारण वे दो साल के कार्यक्रम में रुचि नहीं रख रहे हैं। एक साल के कार्यक्रम में राष्ट्रीय मूल्यांकन एवं प्रत्यायन परिषद (NAAC) की ग्रेडिंग की अनिवार्यता होती है, जिसके कारण विद्यार्थी दो साल के कार्यक्रम में रुचि नहीं दिखा रहे हैं। राजस्थाल में एक साल के कार्यक्रम के लिए कोई भी संस्थान नहीं है, जबकि दो साल के कार्यक्रम के लिए विद्यार्थियों की आवेदन कम हो रहे हैं क्योंकि वे अपने विश्वविद्यालय या कॉलेज में चल रही परीक्षाओं के कारण ध्यान दे रहे हैं। इंटीग्रेटेड टीचर एजुकेशन प्रोग्राम (ITEP) की प्रतियोगिता केंद्र सरकार के नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) द्वारा आयोजित इंटीग्रेटेड टीचर एजुकेशन प्रोग्राम (ITEP) के कारण राजस्थाल में बीए/बीएससी बीएड के चार वर्षीय इंटीग्रेटेड कार्यक्रम को चुनौती मिल रही है। इस कार्यक्रम में विद्यार्थी एक साथ बीए/बीएससी और बीएड के अध्ययन कर सकते हैं, जिसके कारण राजस्थाल के विश्वविद्यालयों और कॉलेजों के बीएड कार्यक्रम के लिए आवेदन कम हो रहे हैं। अंग्रेजी माध्यम के आवेदकों की कमी अंग्रेजी माध्यम में परीक्षा देने वाले आवेदकों की संख्या केवल 10% है, जबकि अधिकांश विद्यार्थी हिंदी माध्यम में परीक्षा देना पसंद करते हैं। इसके कारण अंग्रेजी माध्यम के प्रश्न पत्र के लिए आवेदन कम हो रहे हैं। राज्य सरकार की भूमिका राजस्थाल सरकार ने चार वर्षीय बीएड इंटीग्रेटेड कार्यक्रम की अनुमति नहीं दी है, जिसके कारण विद्यार्थी इस कार्यक्रम के लिए आवेदन नहीं कर रहे हैं। राज्य सरकार से इस कार्यक्रम के लिए मार्गदर्शन की आवश्यकता है, जिसके बिना विद्यार्थियों की रुचि नहीं रहेगी। संभावित समाधान राजस्थाल सरकार को चार वर्षीय बीएड इंटीग्रेटेड कार्यक्रम की अनुमति देना चाहिए, ताकि विद्यार्थी इस कार्यक्रम में आवेदन कर सकें। एक साल के कार्यक्रम के लिए राजस्थाल में एक या अधिक संस्थानों को अनु...#rajasthan #nta #naac #rajasthan_sarkar #itep
