बंगाल चुनाव में बैनर-पोस्टर और होर्डिंग का ऐसा सैलाब, 15 हजार टन निकलेगा कचरा, नालियां बंद होंगी, बाढ़ का आएगा तूफान; मचेगी मौत की तबाही! पश्चिम बंगाल में चुनावी माहौल गर्म है। हर चौराहे, सड़क और दीवार पर बैनर, पोस्टर और विशाल होर्डिंग लग रहे हैं। नेता जी की तस्वीरें चारों तरफ चमक रही हैं, नारे लग रहे हैं और प्रचार की धूम मची हुई है। लेकिन इस रंग-बिरंगे सैलाब के बीच ऐसी रिपोर्ट सामने आई है, जिसने पर्यावरण को लेकर बड़ी चिंता खड़ी कर दी है। जानें क्या कहती है रिपोर्ट। बैनर-पोस्टर और होर्डिंग का सैलाब बंगाल को कचरे में डुबो देगा। चुनाव आते ही सड़कों पर बैनर, पोस्टर और होर्डिंग्स की भरमार होना आम बात है। हर पार्टी अपने प्रचार को सबसे अलग और असरदार बनाने में जुट जाती है। लेकिन इस बार पश्चिम बंगाल में चुनावी हलचल के बीच एक ऐसा सच सामने आया है, जो डराने वाला है। मीडिया में छपी खबर के मुताबिक, ‘इंटरनेशनल सोसाइटी ऑफ वेस्ट मैनेजमेंट एयर एंड वॉटर’ की रिसर्च बताती है कि बैनर-पोस्टर, होर्डिंग, फ्लेक्स, प्लास्टिक और कागजी प्रचार सामग्री से पूरे राज्य में 15,362 टन कचरा निकलेगा। ज्यादातर यह प्लास्टिक का कचरा है जो न सड़ता है और न रिसाइकल होता है। जादवपुर यूनिवर्सिटी के रिटायर्ड प्रोफेसर साधन घोष की टीम ने चेतावनी दी है कि हर विधानसभा सीट पर औसतन 300 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में इतना कचरा फैलेगा कि नालियां पूरी तरह बंद हो जाएंगी, बारिश में भयंकर बाढ़ आएगी और अगर कचरा जलाया गया तो हवा में डाइऑक्सिन जैसा जहर फैलकर सांस लेना मुश्किल कर देगा। पर्यावरण कार्यकर्ता सुभाष दत्त कह रहे हैं कि यह कचरा सिर्फ सड़क नहीं, मिट्टी, पानी और हवा तीनों को जहर दे देगा। फिर भी हर राजनीतिक पार्टी इस मौत की तबाही पर सूंघ गई सांप की तरह चुप है। 15,362 टन कचरा:- बंगाल में मौत की तबाही मचने वाली है, हवा और पानी दोनों जहर से भर जाएंगे। जादवपुर यूनिवर्सिटी के रिटायर्ड प्रोफेसर साधन घोष की टीम ने यह डरावना आंकड़ा सामने रखा है। हर विधानसभा क्षेत्र में 300 वर्ग किलोमीटर में इतना कचरा फैलेगा कि पूरा शहर कचरे के अंबार में बदल जाएगा। सबसे खतरनाक बात यह है कि ज्यादातर कचरा नॉन-रिसाइकलेबल...#west_bengal #jadavpur_university #sudhan_ghos #subhash_datta
