छात्र की आंख की रोशनी चली गई, सीटी स्कैन में 200 से अधिक छर्रे मिले; FIR में साहिल ने आरोप लगाए दिल्ली के छात्र साहिल लोचब ने 20 जुलाई 2026 को एक प्रदर्शन के दौरान पैलेट गन से दाहिनी आंख की रोशनी चले जाने और शरीर में छर्रे लगने का आरोप लगाते हुए FIR दर्ज कराई है। इस मामले में अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 118(1)/125 के तहत मामला दर्ज किया गया है। जांच की जिम्मेदारी सब-इंस्पेक्टर मोहित वर्मा को सौंपी गई है। साहिल के आरोप के अनुसार, 20 जुलाई को जंतर-मंतर पर नीट पेपर लीक के खिलाफ छात्रों का प्रदर्शन हो रहा था। इसी दौरान प्रदर्शनकारियों ने संसद की ओर मार्च शुरू किया। करीब 20 वर्षीय साहिल ने शिकायत में बताया है कि वह दिल्ली विश्वविद्यालय के स्कूल ऑफ ओपन लर्निंग (SOL) से पढ़ाई कर रहे हैं। उनका कहना है कि वह खुद छात्र हैं और इससे पहले 2025 में हुई दिल्ली पुलिस परीक्षा में कथित धांधली तथा NEET पेपर लीक के खिलाफ हुए प्रदर्शनों में भी शामिल रहे हैं। मार्च आगे बढ़ने के साथ हालात बदलने लगे। साहिल ने अपनी शिकायत में लाठीचार्ज और आंसू गैस छोड़े जाने का आरोप लगाया है। उनके मुताबिक, भगदड़ जैसी स्थिति बनी और वह दूसरे युवाओं के साथ भागते हुए कनॉट प्लेस इलाके की तरफ पहुंच गए। हाथ में तिरंगा था, तभी पैलेट गन के छर्रे लगने का दावा। साहिल के अनुसार, वह दाहिनी आंख की रोशनी चली गई और शरीर में बड़ी संख्या में छर्रे लग गए। उन्होंने दिल्ली पुलिस में भर्ती होने के लिए पढ़ाई की थी, लेकिन चोट के बाद उनकी पढ़ाई और भविष्य की योजनाएं प्रभावित हुई हैं। शिकायत में साहिल ने अपने परिवार की आर्थिक स्थिति का भी उल्लेख किया है और इलाज का खर्च उठाने में कठिनाई की बात कही है। मेडिकल रिकॉर्ड के अनुसार, साहिल के शरीर में सीटी स्कैन में 200 से अधिक छर्रे मिले। उनकी आंख की रोशनी बर्बाद हो गई, जिसके कारण वह 25 जुलाई को अंधेरा देख रहे थे। 31 जुलाई को RPC Eye Centre और AIIMS की OPD में उनकी जांच हुई। इलाज के दौरान उनकी आंख की रोशनी वापस आने की संभावना नहीं रह गई। साहिल ने पुलिस से घटना से जुड़े CCTV और ड्रोन फुटेज सुरक्षित...#delhi_police #jantar_mantar #dilwali_vishwavidyalay #sahil_lochab #knot_place
