ऑपरेशन सिंदूर: आतंकियों के खिलाफ भारत की ताकत का विवरण 22 अप्रैल की सुबह पहलगाम के बैसरन इलाके में अचानक गोलियां चलने लगीं। आतंकियों ने AK-47 से निहत्थे पर्यटकों को घेरकर उन पर अंधाधुंध गोलियां बरसा दीं। इस हमले में 26 बेकसूर सैलानी मारे गए, जिनमें एक विदेशी नागरिक भी था। यह हमला बेहद खौफनाक था और पूरे देश को हिलाकर रख दिया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हमले की खबर मिलते ही सऊदी अरब का दौरा बीच में छोड़कर सीधे दिल्ली लौटे। दिल्ली पहुंचते ही उन्होंने आला अधिकारियों के साथ हाई-लेवल बैठक की और आतंकियों की पहचान तुरंत करने के निर्देश दिए। NSA अजीत डोभाल ने डिस्कवरी की नई डॉक्यूमेंट्री में बताया कि प्रधानमंत्री मोदी का निर्देश बिल्कुल साफ था। उन्होंने कहा कि 'गुनहगार चाहे जमीन में हों, आसमान में या पाताल में, उन्हें ढूंढकर खत्म किया जाएगा'। इसका मतलब था कि पहलगाम हमले के जिम्मेदार लोगों तक पहुंचना भारत की कार्रवाई का मुख्य लक्ष्य था। खुफिया जानकारी के आधार पर 9 बड़े आतंकी कैंप चुने गए, जिनमें 5 ठिकाने पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में थे और 4 ठिकाने पाकिस्तान के अंदर मौजूद थे। ऑपरेशन सिंदूर के तहत वायुसेना को आगे किया गया, जिसमें सटीक निशाने के साथ आतंकी अड्डों को मलबे में तब्दील करने की रणनीति बनाई गई। रणनीति के अंतर्गत अपने एयर डिफेंस और रडार सिस्टम को पूरी तरह मुस्तैद रखा गया, ताकि दुश्मन की किसी भी जवाबी चाल को हवा में ही नाकाम किया जा सके। 7 मई की सुबह भारतीय वायुसेना ने सटीक बमबारी से आतंकियों के ट्रेनिंग कैंपों को मलबे के ढेर में बदल दिया। इसके बाद सीमा पर दोनों ओर से करीब 88 घंटे तक भारी टकराव चलता रहा, जिसके बाद 10 मई की शाम को यह सैन्य संघर्ष रुका। भारत ने सिर्फ बारूद से ही जवाब नहीं दिया, बल्कि कूटनीति के मोर्चे पर भी सिंधु जल समझौते को रोककर कड़ा प्रहार किया। अजीत डोभाल ने दुनिया को बताया कि भारत के सब्र और शराफत को लाचारी समझने की गलती कोई न करे। उन्होंने कहा कि दुनिया यह अच्छी तरह जान ले कि भारत बड़े से बड़ा जोखिम उठाने को तैयार है और आतंकवाद के खिलाफ यह जंग तब तक जारी रहेगी, जब तक आखिरी आतंकी का सफाया नहीं हो...#pakistan #india #narendra_modi #ajit_doval #operation_sindur

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने भारत के खिलाफ आक्रामक बयान देते हुए सिंधु जल संधि को लेकर भारत को धमकी दी। इस बयान के साथ उन्होंने मई 2025 के भारत-पाकिस्तान संघर्ष के बारे में जिक्र किया और भविष्य में चुनौती मिलने पर अधिक ताकत के साथ जवाब देने की बात कही। इस बयान के दौरान उन्होंने अपने देश के पानी की एक-एक बूंद को अपनी 'रेड लाइन' कहा और भारत को इसके लिए जवाब देने की धमकी दी। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने स्वतंत्रता दिवस के मौके पर भारत के खिलाफ तल्ख तेवर दिखाए। इस्लामाबाद में 'यादगार-ए-फतह' कार्यक्रम के दौरान उन्होंने सिंधु जल संधि को लेकर भारत को सीधे तौर पर धमकी दी। उन्होंने कहा कि अगर भारत अपने रुख से पीछे नहीं हटता तो पाकिस्तान इसका सीधा जवाब देगा। इस बयान के साथ उन्होंने भारत-पाकिस्तान के सैन्य टकराव का भी जिक्र किया। भारत ने अप्रैल 2025 में पहलगाम आतंकी हमले के बाद सिंधु जल संधि को होल्ड पर रखा था। इसके बाद से ही पाकिस्तान तिलमिलाया हुआ है। मई 2025 में ऑपरेशन सिंदूर के तहत भी पाकिस्तान में डीप स्ट्राइक की गई थी। आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया गया था। इस ऑपरेशन के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच संघर्ष हुआ था, जिसके बाद दोनों देशों ने सीजफायर पर सहमति जताई थी। शहबाज शरीफ ने अपने भाषण में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का भी जिक्र किया। उन्होंने दावा किया कि ट्रंप ने भारत और पाकिस्तान के बीच समय पर सीजफायर कराने में प्रभावी और ऐतिहासिक भूमिका निभाई, जिससे लाखों लोगों की जान बची। भारत हालांकि सीजफायर में अमेरिकी मध्यस्थता के दावे को स्वीकार नहीं करता रहा है। शरीफ ने चीन को पाकिस्तान का ऐसा दोस्त बताया जो हर मुश्किल समय में उसके साथ चट्टान की तरह खड़ा रहा है। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान और चीन की दोस्ती हिमालय से भी ऊंची है। इसके साथ ही उन्होंने सऊदी अरब के साथ हुए रक्षा समझौते और उसमें तुर्की के शामिल होने का भी जिक्र किया। शरीफ ने इसे मुस्लिम दुनिया और पूरे क्षेत्र में शांति का संदेश बताया। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री ने कहा कि पाकिस्तान शांति, सम्मान और गरिमा के साथ खड़ा है, लेकिन इसे उसकी कमज...#india #donald_trump #shahbaz_sharif #sindh_ujala #operation_sindur
