सरकार ने युद्ध के प्रभाव से जनता को बचाने के लिए पेट्रोल और डीजल पर एक्साइज भार कम कर दिया ईरान में चल रहे युद्ध के बढ़ते खतरों के बाद सरकार ने तेल और गैस के दामों पर नियंत्रण बरकरार रखने के लिए एक्साइज भार कम कर दिया है। इस नीति से जनता के खर्च पर दबाव कम होगा। इसके अलावा, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ आगामी बैठक में तेल उद्योग पर अतिरिक्त दबाव कम करने के लिए नीति बनाई जाएगी। इस बैठक में वीडियो कॉन्फरेंसिंग के माध्यम से चर्चा की जाएगी। ईरान और इजरायल के बीच तनाव के बढ़ते खतरों के बाद भारत में तेल की कीमतों में बढ़ोतरी के डर के चलते सरकार ने तेल उद्योग पर दबाव कम करने के लिए एक्साइज भार कम कर दिया है। इस नीति के तहत पेट्रोल और डीजल के दाम में कमी आएगी, जो जनता के खर्च पर राहत प्रदान करेगी। इसके अलावा, तेल कंपनियों के लिए भी इस नीति से आर्थिक दबाव कम होगा। सरकार के इस कदम से युद्ध के प्रभाव से जनता को बचाने की कोशिश की गई है। इसके अलावा, आगामी बैठक में तेल उद्योग के लिए अतिरिक्त नीतियों के बारे में चर्चा की जाएगी। इस बैठक में राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ विशेष ध्यान दिया जाएगा, ताकि तेल की कीमतों में बढ़ोतरी के खतरे को कम किया जा सके। इस नीति के बारे में अधिक जानकारी के लिए आजतक ऐप के साथ जुड़े रहें। इस तरह से युद्ध के असर से जनता को बचाने के लिए सरकार के कदम के बारे में अपडेट रहें।#iran #israel #india #narendra_modi #petrol_diesel
