ईरान-अमेरिका युद्ध में मारे गए बच्चों की आखिरी पेंटिंग दिल्ली में प्रदर्शित मिनाब स्कूल के मलबे से निकाली गई बच्चियों की आखिरी चित्रों को दिल्ली स्थित ईरानी दूतावास में दुनिया के सामने पेश किया गया है। इन चित्रों के माध्यम से ईरान ने अमेरिका और इजरायल के हमले के कारण मिनाब में घटे बच्चों की याद दिलाई है। 28 फरवरी 2026 को ईरान पर अमेरिका और इजरायल के एयरस्ट्राइक के बाद मिनाब स्कूल तबाह हो गया था, जिसमें 165 से अधिक बच्चे और स्टाफ के जीवन खो गए थे। इन चित्रों में बच्चों के आखिरी बनाए गए चित्र दिखाई गई हैं, जिनमें एक बच्चे ने लिखा है, "मैं अपने पिता से बहुत प्यार करता हूं और वे मुझे स्कूल छोड़ने जाते हैं।" इन चित्रों को रेड क्रिसेंट की बचाव टीमों द्वारा बरामद किया गया था, जिन्हें ठीक करके दिल्ली में प्रदर्शित किया गया है। इन चित्रों के साथ एक गाना भी बज रहा है, जो बच्चों के बर्बाद हो चुके जीवन को दर्शाता है। दूतावास के अधिकारियों ने बताया कि इस प्रदर्शनी का मकसद इस संघर्ष में मारे गए बच्चों की ओर दुनिया का ध्यान खींचना है। इस प्रदर्शनी के दौरान दिल्ली के ईरानी दूतावास में लोगों को इन चित्रों को देखने के लिए खुला रखा गया है। इस प्रदर्शनी के दौरान ईरानी राजनयिकों के बच्चे अपने ड्राइंग टीचर के साथ हॉल में गुजरे और चित्रों को देखते रहे। ईरानी अधिकारियों ने मिनाब हमले को एक 'टारगेट अटैक' बताया है, लेकिन अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इस पर अभी भी विवाद बना हुआ है। हालांकि, इस प्रदर्शनी में बच्चों की यादों और उनके आखिरी बनाए गए चित्रों के बारे में बहस बहुत दूर की बात लगती है। इन चित्रों के पीछे छिपी बच्चों की यादें दुनिया के हर व्यक्ति के दिल को छू जाती हैं। इस प्रदर्शनी के दौरान ईरानी राजनयिकों के बच्चे अपने ड्राइंग टीचर के साथ हॉल में गुजरे और चित्रों को देखते रहे। इन चित्रों के साथ एक गाना भी बज रहा है, जो बच्चों के बर्बाद हो चुके जीवन को दर्शाता है। ईरानी अधिकारियों ने बताया कि इस प्रदर्शनी के दौरान दिल्ली के ईरानी दूतावास में लोगों को इन चित्रों को देखने के लिए खुला रखा गया है। इस प्रदर्शनी के दौरान ईरानी राजनयिकों के बच्चे अपने ड्रा...#iran #dilhi #minab_school #red_crescent #air_strike_2026
