ईरान ने अमेरिका के लक्ष्य बने यूरेनियम भंडार के संबंध में बड़ा खेल खेल दिया अमेरिका और इजरायल के हमलों के बाद ईरान ने अपने सबसे संवेदनशील परमाणु ठिकाने इस्फहान में ऐसा कदम उठाया है जिसने अमेरिका की चिंता बढ़ा दी है। रिपोर्ट के मुताबिक, ईरान ने हाल के हफ्तों में अपने इस्फहान परमाणु परिसर की कई सुरंगों को जानबूझकर ध्वस्त कर दिया है और उनके प्रवेश द्वारों पर बारूदी सुरंगें बिछा दीं। इसके कारण अब किसी भी पक्ष के लिए वहां पहुंचना बेहद जोखिम भरा हो गया है। माना जाता है कि ईरान का अत्यधिक समृद्ध (हाईली एनरिच्ड) यूरेनियम इसी परिसर के नीचे मौजूद सुरंगों में रखा गया है। यही वह यूरेनियम है जिसे लेकर अमेरिका और इजरायल लंबे समय से चिंतित रहे हैं। जंग शुरू होने के शुरुआती दौर में ट्रंप प्रशासन ने इस भंडार को कब्जे में लेने के लिए जमीनी सैन्य अभियान तक पर विचार किया था। लेकिन अब हालात बदल गए हैं। इजरायल टाइम्स के अनुसार, सुरंगों के ढह जाने और रास्तों में बारूदी सुरंगें बिछाए जाने के कारण अब इस भंडार के पास पहुंचना अमेरिका के लिए बेहद मुश्किल हो गया है। इसके अलावा, ईरान के लिए भी इस यूरेनियम तक पहुंचना मुश्किल हो सकता है। एनरिच्ड यूरेनियम पर अमेरिका-ईरान की डील फंसी है। दोनों देशों के बीच युद्ध समाप्त करने को लेकर जो बातचीत चल रही है, उसमें इस यूरेनियम भंडार को अहम माना जा रहा है। अमेरिका की शर्त है कि ईरान को उसे अपने देश से बाहर करना होगा। परमाणु मामलों के विशेषज्ञों का कहना है कि अगर किसी समझौते के तहत ईरान को अपने पूरे यूरेनियम भंडार को वेरिफिकेशन के लिए एक जगह लाना पड़े, तो उसे यह साबित करना होगा कि उसके पास मौजूद सभी सामग्री का पूरा हिसाब है। लेकिन सुरंगों के बंद होने के बाद ईरान यह दावा कर सकता है कि कुछ यूरेनियम तक पहुंचना अब संभव नहीं है। इजरायल टाइम्स से पूर्व अमेरिकी परमाणु अधिकारी स्कॉट रोएकर ने भी इसी आशंका की तरफ इशारा किया है। उनका कहना है कि अगर ईरान यह कहे कि कुछ हाईली एनरिच्ड यूरेनियम अब निकाला नहीं जा सकता, तो अंतरराष्ट्रीय समुदाय के पास इसकी पूरी तरह पुष्टि करने का कोई आसान तरीका नहीं होगा। इससे भविष्य में यह संदेह बना रह...#iran #united_states #israel #isfahan #uranium_deposit
