अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने होर्मुज जलडमरूमध्य के बंद रहने पर ईरान पर कड़ा अल्टीमेटम दिया अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने होर्मुज जलडमरूमध्य के बंद रहने पर ईरान पर चेतावनी जारी करते हुए इस रास्ते को फिर से खोलने के लिए 48 घंटे का अल्टीमेटम दिया। ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'ट्रूथ सोशल' पर पोस्ट करते हुए कहा कि यदि ईरान 48 घंटों में रास्ता नहीं खोलता, तो अमेरिका ईरान के पावर ग्रिड और बिजली संयंत्रों को "मिट्टी में मिला देगा"। उन्होंने ईरान के सबसे बड़े पावर प्लांट से शुरू करने की बात कही। होर्मुज के बंद रहने से भारत को नुकसान होर्मुज जलडमरूमध्य भारत की ऊर्जा सुरक्षा, आर्थिक स्थिरता और भू-राजनीतिक हितों के लिए महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग है। भारत के कच्चे तेल के आयात का लगभग 40% और द्रवीकृत प्राकृतिक गैस (LNG) का 54% इस रास्ते से होकर आता है। होर्मुज के बंद होने से भारत की ऊर आपूर्ति और आर्थिक स्थिति पर बड़ा असर पड़ा है। भारत के कई राज्यों में एलपीजी संकट पैदा हो गया है। हालांकि, ईरान ने भारत के कई तेल और गैस वाले जहाजों को इस रास्ते से गुजरने की अनुमति दी है, लेकिन हालात अब भी गंभीर बने हुए हैं। ट्रंप के बयान और ईरान के जवाब ट्रंप ने 22 मार्च को ईरान को चेतावनी देते हुए कहा कि ईरान इस महत्वपूर्ण समुद्री रास्ते को पूरी तरह और बिना किसी खतरे के फिर से खोले। उन्होंने ईरान के सबसे बड़े पावर प्लांट से शुरू करने की बात कही। इसके बाद ईरान ने अमेरिकी आक्रमण के खतरे के बारे में चेतावनी जारी की। लेखक के बारे में लेखक प्रियेश मिश्र नवभारत टाइम्स के डिजिटल कंटेंट राइटर हैं। उनका सांस्कृतिक और राजनीतिक विषयों पर खास रुचि है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत दैनिक भास्कर, दैनिक जागरण और अमर उजाला से की और अब नवभारत टाइम्स में काम कर रहे हैं। --- नवभारत टाइम्स द्वारा रचित लेख। इस लेख के अनुसार अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के बयान और होर्मुज जलडमरूमध्य के बंद रहने के प्रभाव के बारे में विस्तारपूर्वक बताया गया है।#iran #india #donald_trump #truth_social #hor_muz_strait

भारतीय शेयर बाजार में गिरावट के कारण और प्रभाव कच्चे तेल की कीमत में तेजी: तेल की कीमत में बढ़ोतरी ने भारतीय रुपया के विनिमय दर पर असर डाला। रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 30 पैसे की गिरावट के साथ खुला और 92.34 प्रति डॉलर के आसपास पहुंच गया, जो ऑलटाइम लो स्तर के करीब है। तेल की ऊंची कीमत भारत जैसे आयात-निर्भर देश के लिए चिंता का विषय है, क्योंकि इससे चालू खाते का घाटा और महंगाई बढ़ सकती है। वैश्विक तेल सप्लाई चिंताएं: होर्मुज स्ट्रेट और इराकी समुद्री क्षेत्र में जहाजों पर हमले की खबरें सामने आईं, जिससे तेल सप्लाई में रुकावट की आशंका बढ़ गई। इससे वैश्ज भर में महंगाई बढ़ने की चिंता तेज हो गई। अमेरिकी शेयर बाजार की गिरावट: डाउ जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज लगभग 0.61% गिर गया, जबकि S&P 500 में हल्की गिरावट दर्ज हुई। नैस्डैक में बहुत मामूली बढ़त देखी गई। वैश्विक व्यापार चिंताएं: अमेरिका ने भारत समेत 16 देशों के खिलाफ "अनफेयर ट्रेड" जांच शुरू की, जिसे ट्रंप की टैरिफ पॉलिसी के फिर से लागू करने के लिए माना जा रहा है। इससे वैश्विक व्यापार में अनिश्चितता बढ़ गई और निवेशकों का भरोसा कमजोर पड़ा। इंडिया VIX में उछाल: इंडिया VIX (बाजार के डर का इंडेक्स) करीब 6% बढ़कर 22.32 तक पहुंच गया, जो निवेशकों में चिंता और अनिश्चितता को दर्शाता है। भारतीय शेयर बाजार की गिरावट: गुरुवार को एशियाई शेयर बाजारों में गिरावट देखी गई, जिसकी बड़ी वजह तेल की कीमत में बढ़ोतरी रही। भारतीय शेयर बाजार में भी गिरावट देखी गई, जिसके कारण बहुत सारे सेक्टर अपने निम्न स्तर पर पहुंच गए। नोट: यह खबर विश्लेषकों और ब्रोकरेज फर्मों के विचारों पर आधारित है। निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट से सलाह लें। स्रोत: Moneycontrol हिंदी | डेली मार्केट अपडेट के लिए Moneycontrol ऐप डाउनलोड करें।#dow_jones_industrial_average #s_p_500 #india_vix #moneycontrol #hor_muz_strait
