भारतीय शेयर बाजार में गिरावट के कारण और प्रभाव कच्चे तेल की कीमत में तेजी: तेल की कीमत में बढ़ोतरी ने भारतीय रुपया के विनिमय दर पर असर डाला। रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 30 पैसे की गिरावट के साथ खुला और 92.34 प्रति डॉलर के आसपास पहुंच गया, जो ऑलटाइम लो स्तर के करीब है। तेल की ऊंची कीमत भारत जैसे आयात-निर्भर देश के लिए चिंता का विषय है, क्योंकि इससे चालू खाते का घाटा और महंगाई बढ़ सकती है। वैश्विक तेल सप्लाई चिंताएं: होर्मुज स्ट्रेट और इराकी समुद्री क्षेत्र में जहाजों पर हमले की खबरें सामने आईं, जिससे तेल सप्लाई में रुकावट की आशंका बढ़ गई। इससे वैश्ज भर में महंगाई बढ़ने की चिंता तेज हो गई। अमेरिकी शेयर बाजार की गिरावट: डाउ जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज लगभग 0.61% गिर गया, जबकि S&P 500 में हल्की गिरावट दर्ज हुई। नैस्डैक में बहुत मामूली बढ़त देखी गई। वैश्विक व्यापार चिंताएं: अमेरिका ने भारत समेत 16 देशों के खिलाफ "अनफेयर ट्रेड" जांच शुरू की, जिसे ट्रंप की टैरिफ पॉलिसी के फिर से लागू करने के लिए माना जा रहा है। इससे वैश्विक व्यापार में अनिश्चितता बढ़ गई और निवेशकों का भरोसा कमजोर पड़ा। इंडिया VIX में उछाल: इंडिया VIX (बाजार के डर का इंडेक्स) करीब 6% बढ़कर 22.32 तक पहुंच गया, जो निवेशकों में चिंता और अनिश्चितता को दर्शाता है। भारतीय शेयर बाजार की गिरावट: गुरुवार को एशियाई शेयर बाजारों में गिरावट देखी गई, जिसकी बड़ी वजह तेल की कीमत में बढ़ोतरी रही। भारतीय शेयर बाजार में भी गिरावट देखी गई, जिसके कारण बहुत सारे सेक्टर अपने निम्न स्तर पर पहुंच गए। नोट: यह खबर विश्लेषकों और ब्रोकरेज फर्मों के विचारों पर आधारित है। निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट से सलाह लें। स्रोत: Moneycontrol हिंदी | डेली मार्केट अपडेट के लिए Moneycontrol ऐप डाउनलोड करें।#dow_jones_industrial_average #s_p_500 #india_vix #moneycontrol #hor_muz_strait
