कल का मौसम: 3 अगस्त को इन 45 जिलों में होगी झमाझम बारिश, IMD का सबसे बड़ा अपडेट भारतीय मौसम विभाग (IMD) के अनुसार 3 अगस्त को उत्तर प्रदेश में मानसून सक्रिय रहेगा। लखनऊ, वाराणसी, प्रयागराज, गोरखपुर, मेरठ, आगरा, गाजियाबाद, सहारनपुर, बरेली और आसपास के कई जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश के आसार हैं। पूर्वी यूपी के अनेक और पश्चिमी यूपी के कुछ स्थानों पर वर्षा होगी। दोनों क्षेत्रों में कहीं-कहीं भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। मौसम विभाग के अनुसार मानसूनी सिस्टम के दोबारा मजबूत होने से अगले कुछ दिनों तक प्रदेश में बारिश का दायरा बढ़ेगा। इसके साथ ही लोगों को उमस भरी गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद है, लेकिन जिन क्षेत्रों में भारी बारिश होगी वहां जलभराव और स्थानीय समस्याएं भी पैदा हो सकती हैं। आईएमडी के अनुसार 3 अगस्त को पूर्वी उत्तर प्रदेश के अनेक स्थानों पर गरज-चमक के साथ बारिश और बौछारें पड़ने की बहुत अधिक संभावना है। वहीं पश्चिमी उत्तर प्रदेश में भी कई स्थानों पर बारिश होने का पूर्वानुमान है। मौसम विभाग ने पूर्वी और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में कहीं-कहीं भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। इन क्षेत्रों के जिलों में बारिश की संभावना अधिक मानी जा रही है। पूर्वी उत्तर प्रदेश के प्रमुख जिलों में लखनऊ, वाराणसी, प्रयागराज, गोरखपुर, अयोध्या, बस्ती, संतकबीरनगर, देवरिया, कुशीनगर, आजमगढ़, मऊ, बलिया, गाजीपुर, जौनपुर, चंदौली, मिर्जापुर, सोनभद्र, भदोही, महाराजगंज, सिद्धार्थनगर, गोंडा, बहराइच, श्रावस्ती सहित आसपास के क्षेत्र शामिल हैं। पश्चिमी उत्तर प्रदेश के प्रमुख जिलों में मेरठ, मुजफ्फरनगर, सहारनपुर, शामली, बागपत, गाजियाबाद, गौतमबुद्धनगर, हापुड़, बुलंदशहर, अलीगढ़, मथुरा, आगरा, हाथरस, एटा, कासगंज, फिरोजाबाद, बदायूं, बरेली, रामपुर, मुरादाबाद, बिजनौर सहित आसपास के इलाके शामिल हैं। मौसम विभाग के अनुसार दक्षिण-पूर्वी राजस्थान के आसपास बना निम्न दबाव क्षेत्र कमजोर होने के बावजूद मानसूनी ट्रफ धीरे-धीरे उत्तर की ओर बढ़ रही है। इसके कारण गंगा के मैदानी इलाकों में मानसूनी हवाएं मजबूत होंगी और पूरे सप्ताह प्रदेश में वर्षा गतिविधियों में बढ़ोतरी देखने को मिले...#uttar_pradesh #prayagraj #varanasi #lakhnau #imdb

लखनऊ मौसम विज्ञान केंद्र के उद्घाटन के साथ उत्तर प्रदेश में मौसम पूर्वानुमान, कृषि प्रबंधन और आपदा नियंत्रण के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण अध्याय शुरू हुआ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और केंद्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने सोमवार को लखनऊ में क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र का उद्घाटन किया। इस केंद्र के उद्घाटन से उत्तर प्रदेश और आसपास के क्षेत्रों को अधिक सटीक और त्वरित मौसम संबंधी जानकारी मिलेगी। मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि मौसम संबंधी वैज्ञानिक जानकारी किसानों की आय, खाद्य सुरक्षा, आपदा प्रबंधन और आर्थिक विकास से सीधे जुड़ा हुआ मुद्दा है। उत्तर प्रदेश देश की सबसे बड़ी आबादी वाला राज्य है और देश के खाद्यान्न उत्पादन के महत्वपूर्ण योगदानकर्ता है। मुख्यमंत्री योगी ने बताया कि राज्य में मौसम निगरानी तंत्र को मजबूत बनाने के लिए बड़े पैमाने पर आधुनिक उपकरण स्थापित किए जा रहे हैं। वर्तमान में प्रदेश में 450 ऑटोमेटिक वेदर स्टेशन और लगभग 2 लाख ऑटोमेटिक रेनगेज कार्यरत हैं। लखनऊ, वाराणसी, झांसी, अलीगढ़ और आजमगढ़ में आधुनिक एक्स-बैंड डॉप्लर वेदर रडार स्थापित किए जा रहे हैं, जो आंधी, तूफान, भारी वर्षा और ओलावृष्टि की सटीक निगरानी कर सकेंगे। आकाशीय बिजली की पहचान करने वाले सेंसर भी विभिन्न क्षेत्रों में लगाए गए हैं, जिनकी सहायता से समय रहते चेतावनी जारी की जा सकती है। मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि इस नए मौसम विज्ञान केंद्र के उद्घाटन से उत्तर प्रदेश कृषि, बागवानी और सब्जी उत्पादन के क्षेत्र में अपार संभावनाएं रखता है। राज्य में लगभग 86 प्रतिशत कृषि भूमि सिंचित है और अधिकांश किसान वर्ष में दो से तीन फसलें उगाते हैं। आधुनिक तकनीक, मौसम पूर्वानुमान और वैज्ञानिक खेती को एक साथ जोड़ा जाए तो उत्तर प्रदेश खाद्यान्न उत्पादन में नई ऊंचाइयों को छू सकता है। मुख्यमंत्री योगी ने जलवायु परिवर्तन को वर्तमान समय की सबसे बड़ी वैश्विक चुनौतियों में से एक बताया। उन्होंने कहा कि मौसम चक्र में अब लगभग एक महीने तक का बदलाव दिखाई देने लगा है। यदि पर्यावरण संरक्षण और प्राकृतिक संसाधनों के संतुलित उपयोग...#uttar_pradesh #yogi_adityanath #lakhnau #dr_jitendra_singh #x_band_doppler_weather_radar
