साल 2020 के दिल्ली दंगों में आईबी अधिकारी अंकित शर्मा की हत्या और ताहिर हुसैन के दोषी ठहराए जाने की घटना दिल्ली की कड़कड़डूमा कोर्ट ने 13 जुलाई 2026 को घोषणा की कि ताहिर हुसैन और 10 अन्य आरोपियों को अंकित शर्मा की हत्या के मामले में दोषी ठहराया गया है। यह फैसला छह साल के लंबे जांच और अदालत के निर्णय के बाद आया है, जिसमें फॉरेंसिक सबूत, गवाहों के बयान और ट्रायल के आधार पर निर्णय लिया गया। दिल्ली दंगों के दौरान घटना के बारे में विस्तारपूर्वक बताया जाता है। 17-23 फरवरी 2020 के दौरान नागरिकता संशोधन कानून (CAA) के विरोध में उत्तर-पूर्वी दिल्ली में तनाव बढ़ गया। जाफराबाद, मौजपुर, चांदबाग, करावल नगर और खजूरी खास इलाकों में हिंसा भड़क गई। 24 फरवरी को इन इलाकों में पथराव, आगजनी और फायरिंग की घटनाएं रिकॉर्ड की गईं। अंकित शर्मा के परिवार के अनुसार, 25 फरवरी को उन्होंने घर से कुछ घरेलू सामान खरीदने के लिए निकले थे। इसके बाद उनका परिवार उनसे संपर्क नहीं कर सका। अगले दिन उनका शव खजूरी खास नाले से मिला। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार उनके शरीर पर बड़ी संख्या में चोट और धारदार हथियार के घाव थे। पुलिस ने आरोप लगाया कि उन्हें भीड़ ने घेर लिया, बुरी तरह हमला किया और हत्या के बाद शव नाले में फेंक दिया गया। ताहिर हुसैन के मकान को दंगाइयों का मुख्य ठिकाना माना गया। पुलिस जांच में उस इमारत की छत से बड़ी मात्रा में पत्थर, पेट्रोल बम बनाने की सामग्री, एसिड के पैकेट और गुलेल जैसी वस्तुएं मिली। अभियोजन पक्ष ने इन आधारों पर ताहिर हुसैन को साजिश के प्रमुख आरोपी बताया। चार्जशीट में आरोप लगाया गया कि अंकित शर्मा को सुनियोजित तरीके से निशाना बनाया गया, भीड़ ने उन पर हमला किया और हत्या के बाद शव नाले में फेंक दिया। ताहिर हुसैन ने मुकदमे के दौरान खुद को निर्दोष बताया और कहा कि उन्हें राजनीतिक कारणों से फंसाया गया है। हालांकि, अभियोजन पक्ष ने गवाहों, फॉरेंसिक सबूत और डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर अपना मामला रखा, जिसे अदालत ने दोषसिद्धि के लिए पर्याप्त माना। अंतिम सजा का आदेश दोषसिद्धि के बाद अलग से सुनाया जाएगा। इस मामले में अंकित शर्मा के पिता...#delhi_court #dilwali_dangon #ankit_sharma #tahir_husain #caa_2020
