बिहार में झुलसा देने वाली गर्मी, रोहतास में 40° पहुंचा पारा; कल से बदलेगा मौसम, आंधी-बारिश-ओले से सावधान! बिहार में तेज गर्मी के कारण लोगों को झुलसा देने वाली स्थिति बनी हुई है। रोहतास जिले के डेहरी में तापमान 40°C पहुंच गया है, जो इस सीजन के लिए सबसे अधिक रिकॉर्ड किया गया तापमान है। शुक्रवार को दिन के तापमान में तेजी देखी गई, जिसके कारण लोगों को गर्म हवाओं से झुलसा देने वाली गर्मी का सामना करना पड़ा। दोपहर में लू जैसी स्थिति बनी रही, जिसके कारण लोगों का जीना मुश्किल हो गया। मौसम के मिजाज में बदलाव आ रहा है। शाम के बाद तेज आंधी चली और कुछ जगहों पर हल्की से मध्यम बारिश भी हुई। गया में मौसम की गंभीर स्थिति को देखते हुए रेड अलर्ट जारी करना पड़ा, जबकि जहानाबाद, नवादा, औरंगाबाद आदि जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी रहा। रात 09 बजे तक मौसम का मिजाज बदला रहा। आईएमडी के अनुमान के अनुसार, 5 अप्रैल तक बिहार के लोगों को गर्मी का सामना करना पड़ेगा। तेज धूप और गर्म हवाओं का चलन आज भी जारी रह सकता है। 05 अप्रैल को भी ज्यादा जिलों में गर्मी हो बनी रहेगी। सिर्फ भोजपुर, बक्सर, कैमूर, रोहतास, अरवल और औरंगाबाद के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है। इन छह जिलों में 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से आंधी चलने की संभावना है। 5 अप्रैल से 10 अप्रैल तक आंधी, बारिश और ओलावृष्टि के अलर्ट जारी किए गए हैं। इस अवधि में किसानों को सलाह दी जाती है कि मौसम सामान्य होने की प्रतीक्षा करें तभी कृषि कार्य करें। मौसम खराब होने पर ऊंचे पेड़ और बिजली के खंभों से दूर रहें। पशु और गौशाला को साफ सुथरा रखें। पशुओं को हमेशा स्वच्छ एवं ताजा पानी दिन में कई बार पिलाएं। कटे हुए फसलों को सुरक्षित स्थान पर रखें। खड़ी फसलों में सिंचाई मौसम की स्थिति को देखकर ही करें। इस अवधि में फसलों पर कीटनाशक दवाओं का छिड़काव स्थगित रखें। वर्षा की संभावना को ध्यान में रखते हुए गरमा सब्जियों की बुआई फिलहाल रोक दें। वर्षा होने के बाद तुरंत बुआई करें। किसानों को पकी हुई गेहूं की फसल की कटाई और मड़ाई के दौरान आवश्यक सावधानियां बरतने की सलाह दी जाती है। बिहार के प्रमुख शहरों में तापमान और AQI के आंकड़े इस प्रकार हैं: पटन...#kisan #bihar #rohatas #daheri #imda

मुलताई के क्षेत्र में अचानक आई ओलावृष्टि ने गेहूं की फसल पर गंभीर असर डाला जिले में दो दिन से मौसम में बदलाव देखे जा रहे थे। आसमान पर काले बादलों की आवाजाही बढ़ गई और गुरुवार शाम को अचानक मुलताई क्षेत्र में तेज वर्षा और ओलावृष्टि शुरू हो गई। इस बारिश के कारण गेहूं की फसल पर गंभीर चिंता बन गई। फसल पकने की अवस्था में आई बारिश ने किसानों के लिए खतरा पैदा कर दिया। बारिश के साथ ही ओले भी गिरे, जिससे फसल के नुकसान की आशंका बढ़ गई। किसानों की चिंता बढ़ गई मुलताई के किसानों को अपनी फसल के नुकसान के बारे में चिंता लग रही है। फसल पकने की अवस्था में आई बारिश ने उन्हें बड़ा झटका दिया। कृषि विज्ञानी विजय वर्मा ने कहा कि फसल की कटाई कर ली गई हो तो उसे खलिहान में सुरक्षित रखें और मौसम खुलने तक कटाई न करें। उन्होंने किसानों को सलाह दी कि अगर फसल के नुकसान की आशंका है तो उसे तुरंत बचाने के लिए कदम उठाएं। बाजार में अफरा-तफरी गुरुवार को लगने वाले साप्ताहिक बाजार में अचानक आई बारिश और ओलावृष्टि ने अफरा-तफरी का माहौल बना दिया। तेज हवा के कारण दुकानदारों के टेंट और पाल उड़ गए, वहीं खुले में रखी सामग्री भीग गई। बाजार में मौजूद लोगों ने वर्षा से बचने के लिए इधर-उधर भागकर शरण ली। किसान और व्यापारी भीगते हुए अपने सामान को बचाने में जुटे रहे। बारिश के कारण बाजार स्थल पर कीचड़ फैल गया, जिससे लोगों को आवाजाही में भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। राजधानी के धार्मिक स्थल पर असर बारिश के कारण दुर्गा मंदिर से लेकर मुख्य मार्गों तक लगाए गए भगवा कपड़े भीगकर नीचे गिर गए। कुछ स्थानों पर कपड़े बिजली के तारों से टकरा गए, जिससे तेज आवाज के साथ करीब 10 मिनट तक बिजली आपूर्ति बाधित रही। बाद में बिजली विभाग ने सप्लाई बहाल की। राजधानी के धार्मिक स्थलों पर बारिश ने भी गंभीर असर डाला, जिससे धार्मिक आयोजनों के लिए चिंता बढ़ गई। मौसम के अचानक बदलाव के कारण मुलताई क्षेत्र में पिछले दो दिनों से मौसम में बदलाव देखे जा रहे थे। बुधवार को पूरे दिन बादल छाए रहे और धूप हल्की रही, हालांकि वर्षा नहीं हुई। गुरुवार सुबह से ही नमी और हवाओं का असर बना रहा। दोपहर बाद अचानक मौसम बिगड़ा और पहले...#kisan #vijay_varma #mul_tai #durgamaandir #bazaar
